Ayushman Scheme: देश में इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। किसी गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आए तो लाखों रुपये का बिल परिवार की पूरी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है। लेकिन ऐसे समय में अगर अस्पताल का बड़ा खर्च जेब से न देना पड़े तो?
यही वजह है कि देश की एक बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चा में रही है। अब इस योजना ने एक और बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। आठ साल पूरे होने के बाद इसके लाभार्थियों की संख्या 60 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है।
लेकिन यहां कहानी सिर्फ 60 करोड़ लोगों तक पहुंचने की नहीं है। योजना में मिलने वाले ₹5 लाख तक के सालाना स्वास्थ्य कवर, करोड़ों बने आयुष्मान कार्ड और हजारों अस्पतालों का नेटवर्क इसे और महत्वपूर्ण बनाता है। आखिर यह सुविधा किसे मिलती है और सबसे जरूरी सवाल—आपका नाम इस योजना में है या नहीं?
Ayushman Scheme: 8 साल में इतना बड़ा हुआ आयुष्मान भारत का दायरा
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अस्पताल में इलाज के बड़े खर्च से वित्तीय सुरक्षा देना है।
23 सितंबर 2026 को योजना के आठ साल पूरे होने पर केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि 60 करोड़ से अधिक लोगों को ₹5 लाख का सालाना हेल्थ कवर उपलब्ध है। सरकार के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी हेल्थ एश्योरेंस योजनाओं में से एक है।
यानी जिस योजना की शुरुआत कुछ साल पहले हुई थी, उसका दायरा अब करोड़ों लोगों तक पहुंच चुका है।
PMJAY Scheme की सबसे बड़ी बात—₹5 लाख का हेल्थ कवर
अब उस सवाल पर आते हैं जिसके बारे में सबसे ज्यादा लोग जानना चाहते हैं।
आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस अस्पताल में भर्ती होने का कवर मिलता है। यह कवर सेकेंडरी और टर्शियरी हॉस्पिटलाइजेशन के लिए है।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के बैंक खाते में ₹5 लाख रुपये जमा किए जाते हैं। यह इलाज के लिए स्वास्थ्य कवर है, जिसका इस्तेमाल योजना के नियमों के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र उपचार के लिए किया जाता है।
यही अंतर समझना बहुत जरूरी है।
लेकिन क्या Ayushman Health Scheme में हर किसी को मिलते हैं ₹5 लाख?
यहां थोड़ी सावधानी जरूरी है।
आयुष्मान भारत PM-JAY का मूल कवरेज आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों के लिए है। इसके अलावा समय के साथ कुछ विशेष श्रेणियों को भी योजना के दायरे में जोड़ा गया है।
अक्टूबर 2024 में 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना का विस्तार किया गया था। इसके अलावा ASHA कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं जैसी श्रेणियों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
इसलिए केवल यह मान लेना सही नहीं होगा कि देश का हर नागरिक अपने आप ₹5 लाख के कवर के लिए पात्र है।
60 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचा Ayushman Scheme का कवरेज
आठ साल पूरे होने के मौके पर सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को कवर किया जा चुका है और 48.54 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है—लाभार्थियों की संख्या और बनाए गए कार्डों की संख्या अलग-अलग आंकड़े हैं। इसलिए इन्हें जोड़कर अलग-अलग लोगों की संख्या नहीं निकालनी चाहिए।
Ayushman Scheme में 13 करोड़ से ज्यादा अस्पताल इलाज का लाभ
योजना के तहत अब तक करोड़ों अस्पताल दाखिलों को मंजूरी दी जा चुकी है।
31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, PM-JAY के तहत 13.25 करोड़ अस्पताल दाखिलों को फंड किया गया था, जिनकी कुल राशि करीब ₹2.03 लाख करोड़ थी। यह सुविधा 38,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए उपलब्ध हुई।
यानी योजना का असर सिर्फ कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बड़ी संख्या में अस्पताल उपचार भी कवर किए गए हैं।
Ayushman Scheme के तहत किन अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है?
आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में किया जा सकता है।
हालांकि हर अस्पताल में हर बीमारी का इलाज योजना के तहत उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। अस्पताल का empanelled होना और संबंधित उपचार का योजना के पैकेज में शामिल होना महत्वपूर्ण है।
इसलिए अस्पताल जाने से पहले यह जांच लेना बेहतर है कि वहां आपका जरूरी उपचार PM-JAY के तहत उपलब्ध है या नहीं।
कितनी बीमारियों और प्रक्रियाओं का इलाज शामिल है?
सरकारी जानकारी के मुताबिक PM-JAY में 1,961 प्रक्रियाएं 27 मेडिकल स्पेशियलिटी में कवर की जाती हैं। योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के कारण परिवारों पर पड़ने वाले बड़े आर्थिक बोझ को कम करना है।
हालांकि किस बीमारी या उपचार पर कितना कवर लागू होगा, यह संबंधित पैकेज और योजना के नियमों पर निर्भर करता है।
Ayushman Card: आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं?
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका परिवार योजना के लिए पात्र है या नहीं, तो सबसे पहले पात्रता की जांच करनी चाहिए।
सरकार ने लाभार्थी पहचान और कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है। beneficiary.nha.gov.in पोर्टल और Ayushman मोबाइल ऐप के जरिए पात्रता जांच तथा कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया की जा सकती है। सरकारी जानकारी के मुताबिक self-verification की सुविधा भी उपलब्ध है।
सामान्य तौर पर प्रक्रिया में:
- पात्रता की जांच
- लाभार्थी का सत्यापन
- जरूरी जानकारी की पुष्टि
- e-KYC
- आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया
शामिल हो सकती है।
CSC Center से भी मिल सकती है Ayushman Scheme में मदद
जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है, वे नजदीकी अधिकृत CSC या संबंधित सहायता केंद्र से भी जानकारी ले सकते हैं।
हालांकि किसी भी व्यक्ति को कार्ड बनवाने या योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अनधिकृत शुल्क देने से पहले पूरी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
Ayushman Health Scheme में 70 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए भी अहम अपडेट
आयुष्मान भारत योजना में वरिष्ठ नागरिकों को लेकर भी बड़ा विस्तार किया गया है।
70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना योजना के तहत कवरेज देने का प्रावधान किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 तक 1.36 करोड़ से अधिक Ayushman Vay Vandana Cards जारी किए जा चुके थे।
यानी अगर परिवार में 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई सदस्य है, तो उसके लिए योजना से जुड़ी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।
सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं है आयुष्मान भारत
आयुष्मान भारत को केवल PM-JAY कार्ड तक सीमित समझना सही नहीं है।
इसके व्यापक ढांचे में Ayushman Arogya Mandirs, Ayushman Bharat Digital Mission और PM-Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission जैसे घटक भी शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक Ayushman Arogya Mandirs पर अब तक 500 करोड़ से ज्यादा विजिट दर्ज हो चुकी हैं, जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के नजदीक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
अगर आपके पास अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं है तो क्या करें?
सबसे पहले यह पता करें कि आपका नाम पात्र लाभार्थियों में शामिल है या नहीं।
अगर पात्रता बनती है तो आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत माध्यम से कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। कार्ड बन जाने के बाद उसे सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर सूचीबद्ध अस्पताल में इसकी सुविधा के बारे में जानकारी लें।
ध्यान रखें कि सिर्फ कार्ड होना ही हर प्रकार के इलाज की गारंटी नहीं है। उपचार योजना के निर्धारित पैकेज और नियमों के अनुसार ही कवर होता है।
Conclusion: निष्कर्ष
आयुष्मान भारत PM-JAY के आठ साल पूरे होने पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि योजना का दायरा अब बहुत बड़ा हो चुका है। 60 करोड़ से ज्यादा लोगों को कवर, करोड़ों आयुष्मान कार्ड और हजारों सूचीबद्ध अस्पताल इसके विस्तार को दिखाते हैं।
लेकिन करोड़ों लोगों के आंकड़ों से ज्यादा महत्वपूर्ण आपके लिए एक सवाल है—क्या आपका परिवार इस योजना के लिए पात्र है?
अगर आपने अभी तक पात्रता की जांच नहीं की है, तो आधिकारिक माध्यम से इसे जरूर चेक करें। क्योंकि बीमारी आने के बाद कागजात तलाशने से बेहतर है कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहले से आपके पास हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आयुष्मान भारत योजना क्या है?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस अस्पताल उपचार कवर मिलता है।
आयुष्मान कार्ड से कितने रुपये का इलाज मिलता है?
पात्र परिवार को योजना के तहत ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह सीधे नकद राशि नहीं है, बल्कि पात्र अस्पताल उपचार के लिए स्वास्थ्य कवर है।
क्या हर भारतीय को आयुष्मान कार्ड मिलता है?
नहीं। PM-JAY में पात्रता निर्धारित मानदंडों और योजना में शामिल विशेष श्रेणियों के आधार पर होती है। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना के विस्तार के तहत शामिल किया गया है।
आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाएं?
पात्रता जांच और कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए National Health Authority के आधिकारिक beneficiary portal और Ayushman ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आयुष्मान कार्ड से किस अस्पताल में इलाज मिलता है?
योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में पात्र उपचार का लाभ लिया जा सकता है। अस्पताल और संबंधित उपचार का PM-JAY नेटवर्क/पैकेज में शामिल होना जरूरी है।
आयुष्मान भारत योजना को कितने साल पूरे हुए हैं?
23 सितंबर 2026 को आयुष्मान भारत PM-JAY ने 8 साल पूरे किए। योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी।
क्या 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी आयुष्मान योजना का लाभ मिलता है?
हां। 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को योजना के विस्तार के तहत कवर किया गया है, सामाजिक-आर्थिक स्थिति से अलग।
आयुष्मान योजना में कितने अस्पताल जुड़े हैं?
सितंबर 2026 के उपलब्ध सरकारी/रिपोर्टेड आंकड़ों के अनुसार 39,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों का नेटवर्क बताया गया है।

गौरव जोशी सरकारी योजनाओं की सटीक और नवीनतम जानकारी प्रदान करने में माहिर हैं। वह बी. टेक. (I.T.) ग्रेजुएट हैं। इस समय वह Digital Fames के नाम से आई. टी. कंपनी और C.S.C. सेंटर (जन सेवा केंद्र) का संचालन कर रहे हैं। Yojana Story वेबसाइट के माध्यम से वह लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं।