PM Kisan Maandhan Yojana 2026: खेती-किसानी से होने वाली आमदनी उम्र और मौसम दोनों पर निर्भर करती है। जब किसान की उम्र बढ़ने लगती है तो खेत में पहले जैसी मेहनत करना मुश्किल हो जाता है और नियमित आमदनी की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) बुढ़ापे में पेंशन का सहारा देने वाली योजना है।
इस योजना में पात्र किसान अपनी उम्र के अनुसार हर महीने एक तय राशि जमा करते हैं और केंद्र सरकार भी उतना ही योगदान करती है। इसके बाद 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर न्यूनतम ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलने का प्रावधान है। सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार देशभर में करीब 25 लाख किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं।
आखिर क्या है PM Kisan Maandhan Yojana?
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए शुरू की गई एक स्वैच्छिक और अंशदान आधारित पेंशन योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को वृद्धावस्था में एक निश्चित मासिक पेंशन उपलब्ध कराना है।
योजना में किसान को 60 साल की उम्र तक अपनी आयु के हिसाब से निर्धारित अंशदान देना होता है। खास बात यह है कि किसान जितना योगदान करता है, केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि पेंशन फंड में जमा करती है।
इस तरह किसान के साथ सरकार भी पेंशन फंड में बराबर योगदान करती है और पात्रता पूरी होने पर 60 वर्ष के बाद पेंशन शुरू होती है।
PM Kisan Maandhan Yojana में 60 साल के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन है।
अगर किसान योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार लगातार योगदान करता है और 60 वर्ष की उम्र पूरी करता है, तो उसे कम से कम ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलती है। यह रकम वृद्धावस्था में नियमित आय के रूप में काम आ सकती है।
यानी योजना का मकसद किसान को खेती पर निर्भर रहने के साथ-साथ बुढ़ापे के लिए एक अलग सामाजिक सुरक्षा देना है।
PM Kisan Maandhan Yojana में ₹55 से शुरू होता है मासिक योगदान
इस योजना में सभी किसानों के लिए एक समान किस्त निर्धारित नहीं है। किसान जिस उम्र में योजना से जुड़ता है, उसी के अनुसार उसका मासिक योगदान तय होता है।
उदाहरण के लिए:
| योजना में शामिल होने की उम्र | किसान का मासिक अंशदान |
|---|---|
| 18 वर्ष | ₹55 |
| 20 वर्ष | ₹61 |
| 25 वर्ष | ₹80 |
| 30 वर्ष | ₹105 |
| 35 वर्ष | ₹150 |
| 40 वर्ष | ₹200 |
केंद्र सरकार भी किसान के बराबर राशि का योगदान करती है। उदाहरण के तौर पर 18 वर्ष की उम्र में शामिल होने वाले किसान के ₹55 के साथ सरकार भी ₹55 जमा करती है। वहीं 40 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़ने वाले किसान का योगदान ₹200 और सरकार का योगदान भी ₹200 होता है।
किस उम्र के किसान इस योजना में शामिल हो सकते हैं?
PM Kisan Maandhan Yojana में शामिल होने के लिए किसान की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
योजना मुख्य रूप से ऐसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए है जिनके पास अधिकतम 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन है। किसान का नाम संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना भी जरूरी है।
इसलिए केवल किसान होना ही पर्याप्त नहीं है। योजना में शामिल होने से पहले उम्र, जमीन और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
किन किसानों को नहीं मिलता PM Kisan Maandhan Yojana का लाभ?
कुछ श्रेणियों को PM-KMY से बाहर रखा गया है। उदाहरण के लिए ऐसे किसान जो कुछ अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे NPS, EPFO या ESIC के अंतर्गत आते हैं, वे पात्र नहीं होते।
इसी तरह इनकम टैक्स देने वाले किसानों और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों को भी योजना से बाहर रखा गया है। इसलिए आवेदन से पहले अपनी पात्रता की जांच करना जरूरी है।
PM Kisan Maandhan Yojana में पति-पत्नी दोनों ले सकते हैं पेंशन का लाभ
इस योजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि पात्र किसान का जीवनसाथी भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर योजना में अलग से शामिल हो सकता है।
यदि पति और पत्नी दोनों अलग-अलग पात्रता पूरी करते हुए योजना में शामिल होते हैं, तो दोनों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर ₹3,000-₹3,000 मासिक पेंशन मिल सकती है।
इससे पात्र दंपति के लिए कुल मासिक पेंशन ₹6,000 तक हो सकती है।
किसान की मृत्यु होने पर परिवार को क्या मिलेगा?
अगर पेंशन प्राप्त कर रहे किसान की मृत्यु हो जाती है, तो योजना के नियमों के अनुसार उसके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन के रूप में किसान को मिलने वाली पेंशन की 50 प्रतिशत राशि मिल सकती है।
₹3,000 की पेंशन के आधार पर यह राशि ₹1,500 प्रति माह होती है। यह पारिवारिक पेंशन केवल पात्र जीवनसाथी के लिए लागू होती है और योजना की निर्धारित शर्तें इस पर लागू रहती हैं।
PM Kisan Maandhan Yojana में आवेदन कैसे करें?
योजना में पंजीकरण के लिए किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं।
आमतौर पर पंजीकरण के दौरान किसान की पहचान, बैंक खाते और जमीन से संबंधित जानकारी की जरूरत पड़ती है। इसलिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक/बैंक विवरण और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज साथ रखना उपयोगी रहता है।
CSC पर किसान का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। पात्रता और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान का पेंशन अकाउंट बनाया जाता है। आगे योगदान निर्धारित तरीके से जमा किया जा सकता है।
हर महीने पैसा जमा करना जरूरी है?
हां, योजना में शामिल किसान को 60 वर्ष की उम्र तक निर्धारित अंशदान करना होता है। हालांकि योगदान जमा करने के लिए केवल मासिक विकल्प ही जरूरी नहीं है; आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार भुगतान की अलग-अलग अवधि के विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं।
किसान की सुविधा के लिए बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की व्यवस्था का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
PM-KMY में करीब 25 लाख किसान जुड़े
सितंबर 2026 में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना से देशभर में करीब 25 लाख किसान जुड़ चुके हैं। योजना को शुरू हुए सात साल पूरे होने के बाद यह आंकड़ा सामने आया है।
सरकार की ओर से इस योजना के जरिए छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में निश्चित पेंशन देने की व्यवस्था की गई है।
क्या PM-KISAN और PM-KMY एक ही योजना हैं?
नहीं। दोनों योजनाएं अलग हैं।
PM-KISAN के तहत पात्र किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि PM-KMY एक पेंशन योजना है। PM-KMY में किसान और केंद्र सरकार दोनों पेंशन फंड में योगदान करते हैं और पात्र किसान को 60 वर्ष की उम्र के बाद न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है।
हालांकि पात्र किसान अपने PM-KISAN लाभ से PM-KMY का अंशदान कराने का विकल्प चुन सकते हैं, जैसा कि योजना की प्रक्रिया में उपलब्ध है।
किसानों के लिए क्यों खास है यह योजना?
खेती से होने वाली आमदनी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। मौसम, फसल की कीमत और उत्पादन जैसी कई चीजें किसान की आय को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं उम्र बढ़ने के साथ खेती में शारीरिक मेहनत करना भी मुश्किल होता जाता है।
ऐसे में वृद्धावस्था के लिए पहले से पेंशन की व्यवस्था करना किसान को आर्थिक सुरक्षा देने का एक तरीका हो सकता है। PM-KMY इसी उद्देश्य से छोटे और सीमांत किसानों को पेंशन व्यवस्था से जोड़ती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 2026 छोटे और सीमांत किसानों के लिए वृद्धावस्था में पेंशन उपलब्ध कराने वाली केंद्र सरकार की योजना है। इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र के पात्र किसान शामिल हो सकते हैं और उनकी उम्र के अनुसार ₹55 से ₹200 तक मासिक अंशदान निर्धारित है। केंद्र सरकार भी बराबर राशि का योगदान करती है।
60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद पात्र किसान को कम से कम ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलती है। वहीं किसान की मृत्यु के बाद पात्र जीवनसाथी को नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मिल सकती है।
अगर आप छोटे या सीमांत किसान हैं और आपकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है, तो आवेदन करने से पहले योजना की सभी पात्रता शर्तें जांचकर नजदीकी CSC से पंजीकरण संबंधी जानकारी ली जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PM Kisan Maandhan Yojana क्या है?
यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की स्वैच्छिक, अंशदान आधारित वृद्धावस्था पेंशन योजना है।
PM Kisan Maandhan Yojana में कितनी पेंशन मिलती है?
पात्र किसान को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलने का प्रावधान है।
PM-KMY में कितने रुपये जमा करने होते हैं?
किसान की प्रवेश आयु के अनुसार मासिक योगदान ₹55 से ₹200 तक होता है।
18 साल की उम्र में योजना लेने पर कितने रुपये जमा करने होंगे?
18 वर्ष की उम्र में शामिल होने वाले किसान को ₹55 प्रति माह का योगदान करना होता है। केंद्र सरकार भी ₹55 का बराबर योगदान करती है।
40 साल की उम्र में शामिल होने पर कितना योगदान देना होगा?
40 वर्ष की उम्र में योजना से जुड़ने वाले किसान का मासिक योगदान ₹200 है और केंद्र सरकार भी ₹200 का योगदान करती है।
PM Kisan Maandhan Yojana में कौन आवेदन कर सकता है?
18 से 40 वर्ष की उम्र के ऐसे छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास अधिकतम 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन है और जो योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, इसमें शामिल हो सकते हैं।
PM-KMY के लिए आवेदन कहां करें?
किसान अपने नजदीकी CSC सेंटर के माध्यम से योजना में पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन से पहले जरूरी दस्तावेज और पात्रता की जानकारी जरूर जांच लें।
किसान की मृत्यु के बाद पत्नी को कितनी पेंशन मिलती है?
योजना के नियमों के अनुसार पात्र जीवनसाथी को किसान की पेंशन की 50 प्रतिशत राशि पारिवारिक पेंशन के रूप में मिल सकती है। ₹3,000 की पेंशन होने पर यह ₹1,500 प्रति माह होती है।

गौरव जोशी सरकारी योजनाओं की सटीक और नवीनतम जानकारी प्रदान करने में माहिर हैं। वह बी. टेक. (I.T.) ग्रेजुएट हैं। इस समय वह Digital Fames के नाम से आई. टी. कंपनी और C.S.C. सेंटर (जन सेवा केंद्र) का संचालन कर रहे हैं। Yojana Story वेबसाइट के माध्यम से वह लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं।