PM Aasha Yojana: किसानों को मिलेगा उनकी उपज का बेहतर मूल्य, साथ में खाद में सब्सिडी भी, जल्द ऐसे कर लें ऑनलाइन आवेदन!

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दोस्तों, PM Aasha Yojana भारत सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से आरम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। प्रधानमंत्री आशा योजना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का समर्थन करते हुए, अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने, और उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना अर्थात PM Aasha Yojana के तहत किसानों को उनकी उपज के सही मूल्य का भुगतान किया जाएगा। पीएम आशा योजना के अंतर्गत कई फसलों के लिए MSP का भुगतान सुनिश्चित किया जाता है, ताकि किसानों को उनके उत्पादन पर बेहतर मुनाफा प्राप्त हो सके। Pradhan Mantri Aasha Yojana के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को लाभ प्राप्त हो सकेगा। PM Aasha Yojana के द्वारा न केवल किसानों को अपनी फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी लाभ प्राप्त होता है। पीएम-आशा योजना के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ), मूल्य घाटा भुगतान योजना (पीओपीएस) और बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के घटक शामिल किये गए हैं।

दोस्तों, प्रधानमंत्री आशा योजना अथवा प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अन्तर्गत किसानों को बेहतर मूल्य और कंज्यूमर्स के लिए जरूरी वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित होती है। PM Aasha Yojana का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना तथा उनकी फसल का बेहतर दाम उपलब्ध करवाना है। पीएम आशा योजना मुख्यतः किसानों की आय में वृद्धि करने का कार्य करती है। दोस्तों, देश में किसान कई वर्षों से बाजार की अस्थिरता और फसल की कीमतों की अनिश्चितता से संघर्ष कर रहे हैं। अक्सर अधिक फसल उत्पादन से आपूर्ति ज्यादा हो जाती है, जिस कारण से कीमतें कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसान कर्ज में डूब जाते हैं। इन्हीं समस्याओं को मध्यनजर रखते हुए केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Annadata Aay SanraksHan Abhiyan- PM-AASHA की शुरुवात की है। प्रधानमंत्री आशा योजना के माध्यम से किसानों को एमएसपी के तहत सुनिश्चित न्यूनतम मूल्य प्रदान कराया जाता है। पीएम आशा योजना में दालों और तिलहनों की खरीद पर जोर दिया गया है, जिनकी खेती आमतौर पर छोटे स्तर के किसान करते हैं, जिससे इन फसलों की प्रमुखता बढ़ गई है। इस परिवर्तन से फसल विविधीकरण में वृद्धि हुई है, और मृदा स्वास्थ (Soil Health) में सुधार हुआ है जिससे फसल की विफलता की संभावना कम हो गई है।

दोस्तों, यदि आप भी PM Aasha Yojana के द्वारा लाभ सरकारी योजना का प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ कर जाएँ। इस लेख में आपको प्रधानमंत्री आशा योजना की जानकारी जैसे पीएम आशा योजना क्या हैPM Aasha Yojana के फायदे, पीएम आशा योजना के लिए पात्रता, और पीएम आशा योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी।

Pradhan Mantri Aasha Yojana: प्रधानमंत्री आशा योजना की पूरी जानकारी

दोस्तों प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (PM Aasha Yojana) की शुरुआत सितम्बर 2018 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने की थी। प्रधानमंत्री अन्न्दाता आय संरक्षण अभियान’ (Pradhan Mantri Annadata Aay SanraksHan Abhiyan- PM-AASHA) का मुख्य  उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिये उचित मूल्य प्रदान करवाना है। प्रधानमंत्री आशा योजना के माध्यम से भारत सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से फसलों की खरीद का प्रावधान किया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके, और उनको बाजार के जोखिम से बचाया जा सके। Pradhan Mantri Aasha Yojana के अंतर्गत इस वर्ष 2025 में दलहन, तिलहन, और अन्य फसलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

दोस्तों, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आशा योजना का विस्तार करते हुए 35000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। PM Aasha Yojana का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और जरूरी वस्तुओं की कीमत को स्थिर रखना है, ताकि किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी लाभ प्राप्त हो सके। इस वर्ष PM Aasha Yojana का विस्तार किया गया है जिसमें नए सुधार भी शामिल किए गए है। प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत भारत सरकार द्वारा ऊरद और मसूर जैसी दालो की शतप्रतिशत खरीद का प्रावधान दिया गया है, जिससे किसानों को पूर्ण रूप से एमएसपी पर अपनी फसलों को बेचने का मौका प्राप्त हो सकेगा। इस वर्ष 2025 में पीएम आशा योजना के अन्तर्गत अन्य तिलहन और दलहन की खरीद पर 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान भाई इसका लाभ प्राप्त कर सकें, और साथ ही साथ किसानों को दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों की भी खरीद हो सके।

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PM Aasha Yojana Overview: पीएम आशा योजना का अवलोकन

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री आशा योजना
  • सम्बंधित विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
  • शुरू की गई: केंद्र सरकार द्वारा
  • कब शुरू की गई: सितम्बर 2018
  • कहां शुरू की गई: पूरे भारत में
  • उद्देश्य: देश के किसानों को फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना
  • लाभार्थी: देश के किसान
  • लाभ: देश के किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदना
  • आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन
  • हेल्पलाइन नम्बर: 18001801551
  • आधिकारिक वेबसाइट: https://agriwelfare.gov.in/

What Is Minimum Support Price (MSP): न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) क्या है और एमएसपी कौन और कैसे तय करता है?

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसानों को प्रदान की जाने वाली एक गारंटी की तरह होती है, जिसमें यह तय किया जाता है कि बाजार में किसानों की फसल किस मूल्य पर बिकेगी। दरअसल फसल की बुआई के समय पर ही फसलों की कीमत तय कर दी जाती है, और यह तय कीमत से कम बाजारों में नहीं बिकती है। Minimum Support Price (MSP) तय हो जाने के बाद मार्केट में फसलों की कीमत गिरने के बाद भी सरकार किसानों को तय कीमत पर ही फसलें खरीदती है। आसान भाषा में कहा जाए तो न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी का मुख्य उद्देश्य फसल की कीमत में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों को नुकसान से बचाना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय रबी सीजन समेत अन्य सीजन की फसलों के साथ ही कमर्शियल फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को लागू करता है। हाल फिलहाल देश के किसानों से खरीदी जाने वाली 23 फसलों पर एमएसपी लागू की गई हैं जिनमें 7 अनाज ज्वार, बाजरा, धान, मक्का, गेहूं, जौ और रागी, 5 दालें, मूंग, अरहर, चना, उड़द और मसूर, 7 तिलहन, सोयाबीन, कुसुम, मूंगफली, तोरिया-सरसों, तिल, सूरजमुखी, और नाइजर, और 4 कमर्शियल फसलें, कपास, खोपरा, गन्ना और कच्चा जूट शामिल हैं।

केंद्र सरकार फसलों पर एमएसपी दर लागू करती है, और राज्य राज्य सरकारों के पास भी न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने के अधिकार होता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 1965 में कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) का गठन किया था, जो प्रतिवर्ष रबी और खरीफ फसलों के लिए MSP तय करता है। CACP के द्वारा की जाने वाली सिफारिशों के आधार पर ही भारत सरकार प्रतिवर्ष 23 फसलों के लिए एमएसपी का ऐलान करती है। कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) जब भी एमएसपी की अनुशंसा करता है, तो वह कुछ बातों को ध्यान में रखकर ही इसे तय करता है। CACP एमएसपी तय करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देती है जैसे फसल के लिए उत्पाद की लागत क्या है, इनपुट मूल्यों में कितना परिवर्तन आया है, बाजार में मौजूदा कीमतों का क्या रुख है, मांग और आपूर्ति की स्थिति क्या है, अंतरराष्ट्रीय मूल्य स्थिति क्या है आदि। इसके बाद CACP स्थान,‍ जिले, और राष्ट्रीय, व अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्थितियों का पूर्ण रूप से मूल्यांकन करने के बाद ही फसलों पर एमएसपी तय करती है। हालांकि इस समय, देश में एमएसपी को लेकर कोई कानून नहीं है, भारत सरकार चाहें तो किसानों को एमएसपी दे सकती या नहीं भी, यह फैसला सरकार का होता है।

PM Aasha Yojana Benefits: पीएम आशा योजना के लाभ व विशेषताएं

  • PM Aasha Yojana का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना, और जरूरी वस्तुओं की कीमत को स्थिर रखना है, ताकि किसानों के साथ साथ उपभोक्ताओं को भी लाभ प्राप्त हो सके।
  • प्रधानमंत्री आशा योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को उनकी उपज के लिये उचित मूल्य दिलाना है।
  • पीएम आशा योजना का लाभ न केवल देश के किसानों को मिलेगा बल्कि इससे उपभोक्ताओं को भी लाभ प्राप्त होगा।
  • PM Aasha Yojana के तहत केंद्र सरकार कृषि उत्पादों का भंडार करती है, और जब बाजार में इनकी कीमत बढ़ती है तब इन्हें जारी करके कीमतों को नियत्रित करती है।
  • प्रधानमंत्री आशा योजना के द्वारा उभोक्ताओं को उचित मूल्य पर आवश्यकत वस्तुए मिलती है और बाजार में स्थिरता बनी रहती है।
  • PM Aasha Yojana के तहत भारत सरकार द्वारा बागवानी फसलों के लिए विशेष प्रावधान किये हैं, जिनकी फसलों की कीमत अधिक अस्थिर होती है।
  • PM Aasha Yojana के माध्यम से देश के किसानों की आय में बृद्धि होती है, और उनकी आर्थिक स्थिति मे सुधार होता है।
  • PM Aasha Yojana न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का ही एक हिस्सा है, जिसमें मुख्य तौर दाल, तिलहन और कोपरा जैसी फसलों का मिनिमम सपोर्ट प्राइज तय किया जाता है।
  • भारत सरकार द्वारा Pradhan Mantri Annadata Aay SanraksHan Abhiyan- PM-AASHA Yojana का विस्तार करते हुए 35000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
  • पीएम-आशा योजना के माध्यम से सरकार ने तिलहन, दलहन और अन्य फसलों की खरीद को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों को MSP के अनुसार कीमतें मिल सकें।
  • प्रधानमंत्री आशा योजना के द्वारा देश के किसानों का फसल उत्पादन के प्रति आत्मविश्वास बढ़ा है, क्योंकि उन्हें अपनी उपज के सही मूल्य की गारंटी मिल रही है।
  • पीएम-आशा योजना के माध्यम से देश के किसानों को उनकी फसल का मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के माध्यम से देश के किसानों को eSamridhi और eSamyukti जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर पंजीकरण की सुविधा दी जाती है, जिससे उन्हें योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के द्वारा केंद्र सरकार ने तुर, उड़द, मसूर जैसी दालों की 100% खरीद का प्रावधान किया है, जिससे किसानों को पूरी तरह से MSP पर अपनी फसल बेचने का मौका प्राप्त होता है।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के द्वारा केंद्र सरकार ने तिलहन और दलहन की खरीद 25% से बढ़ाकर 40% कर दी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के द्वारा केंद्र सरकार ने प्याज, टमाटर और आलू जैसी फसलों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, इन फसलों की कीमतें अधिक अस्थिर होती हैं, और इनके लिए सरकार ने परिवहन और भंडारण की व्यवस्था की है, ताकि उत्पादक राज्यों से उपभोक्ता राज्यों तक इन्हें समय पर पहुंचाया जा सके।
  • PM Aasha Yojana के द्वारा केंद्र सरकार खाद पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करेगा। इससे ग्रामीण रोजगार और आय में वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, और देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अथवा  जीडीपी में भी योगदान बढ़ेगा।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के अंतर्गत रबी सीजन 2023-24 में 6.41 लाख मीट्रिक टन दलहन (2.49 लाख मीट्रिक टन मसूर, 43,000 मीट्रिक टन चना और 3.48 लाख मीट्रिक टन मूंग) की खरीद की गई। 4,820 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य से 2.75 लाख किसानों को लाभ हुआ। 12.19 लाख मीट्रिक टन तिलहन की खरीद की गई, जिससे 5.29 लाख किसानों को 6,900 करोड़ रुपये का एमएसपी लाभ मिला।
  • Pradhan Mantri Aasha Yojana के अंतर्गत खरीफ सीजन 2024-25 में सोयाबीन की कीमतें एमएसपी से काफी नीचे थीं। सरकार ने पीएम-आशा योजना के तहत 5.62 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद की, जिससे 2,42,461 किसानों को 2,700 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त हुआ।
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पीएम आशा योजना के प्रमुख घटक कौन-कौन से हैं?

  • मूल्य समर्थन योजना (PSS): इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार किसानों की उपज को MSP पर खरीदती है, जिससे उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव का सामना नहीं करना पड़ता है। मूल्य समर्थन योजना तिलहन और दलहन जैसी फसलों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनमें कीमतों में अस्थिरता अधिक होती है।
  • मूल्य स्थिरीकरण निधि (PSF): यह निधि कृषि-उद्यानिकी उत्पादों जैसे प्याज, दाल आदि की कीमतों को स्थिर रखने के लिए उपयोग की जाती है। इस निधि के तहत भारत सरकार इन उत्पादों का भंडारण करती है और बाजार में कीमतों के बढ़ने पर इन्हें जारी करती है, जिससे उपभोक्ताओं को इसका लाभ प्राप्त होता है, और कीमतों में वृद्धि पर नियंत्रण रहता है।
  • मूल्य घाटा भुगतान योजना (PDPS): यह योजना उन किसान भाइयों के लिए है, जिनकी फसलें एमएसपी से कम कीमत पर बिकती हैं। ऐसे किसानों को भारत सरकार एमएसपी और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई करने का प्रयास करती है। मूल्य घाटा भुगतान योजना तिलहन के लिए लागू की जाती है, और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करना है।
  • बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS): इस योजना का मुख्य उद्देश्य बर्बादी और कीमतों में अत्यधिक गिरावट से बचाने के लिए त्वरित बाजार हस्तक्षेप करना है। प्याज, टमाटर और आलू जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना कारगर सिद्ध होती है। केंद्र सरकार बाजार में इन फसलों की कीमतें गिरने पर किसानों से खरीद कर उन्हें स्थिर रखने का प्रयास करती है।
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PM Aasha Yojana Eligibility: प्रधानमंत्री आशा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए जरुरी पात्रता

  • प्रधानमंत्री आशा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को भारत का स्थाई निवासी होना आवश्यक है।
  • PM Aasha Yojana का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को किसान होना जरूरी है।
  • PM Aasha Yojana का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • दाल, तिलहन आदि जैसे बागवानी फसलों की खेती करने वाले लाभार्थी PM Aasha Yojana के लिए पात्र हैं।

PM Aasha Yojana Required Documents: प्रधानमंत्री आशा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए जरुरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • स्थाई निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • कृषि सम्बन्धित दस्तावेज़
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नम्बर

PM Aasha Yojana Apply Online: पीएम आशा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  • पीएम आशा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए लाभार्थी को सबसे पहले कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद वेबसाइट के होमपेज पर जाकर Scheme के सेक्शन में जाना होगा।
  • इसके बाद Farmer Welfare Schemes के सेक्शन में जाकर PM Aasha Yojana का लिंक दिखाई देगा आपको इस पर क्लिक करना है।
  • इसके बाद आपके सामने PM Aasha Yojana का आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा।
  • इसके बाद आपको PM Aasha Yojana Application Form में पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज कर लेना होगा।
  • इसके बाद लाभार्थी को पीएम आशा योजना आवेदन फॉर्म में मागें गए सभी जरूरी दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड कर लेना होगा।
  • अंत में लाभार्थी को सबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना होगा।
  • इस प्रकार लाभार्थी पीएम आशा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करके योजना का लाभ प्राप्त कर पाएंगे।

Conclusion: निष्कर्ष

दोस्तों, योजना स्टोरी (YojanaStory.com) वेबसाइट से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। इस लेख में हमने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली प्रधानमंत्री आशा योजना (PM Aasha Yojana) के बारे में सारी महत्पूर्ण जानकारियों से अवगत कराने की पूरी कोशिश की है। यदि आपको प्रधानमंत्री आशा योजना के बारे में यह लेख लाभकारी व महत्वपूर्ण लगता है, और आप PM Aasha Yojana का लाभ उठा रहे हें, तो हमें कमेंट जरूर करें ताकि हम आपके लिये और ऐसी ढेरों सारी योजनाओं के बारे में जानकारियां साझा करते रहें।

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