New Education Policy (NEP): नई शिक्षा नीति (एनईपी) क्या है? जानिए शिक्षा नीति में कौन-कौन से बदलाव किये गए हैं

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दोस्तों, New Education Policy (NEP) 21 वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है जो भारत की परंपराओं और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए बनायी गयी है। नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत भारत सरकार ने स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई अहम बदलाव किये हैं, जिसका लक्ष्य देश को विश्व स्तरीय (world class) और कौशल आधारित (skill based) शिक्षा प्रदान कराना है।

National Education Policy केंद्र सरकार द्वारा स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से आरम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का मुख्य उद्देश्य देश के एजुकेशन को ग्लोबल लेवल पर लाना है, जिससे भारत महाशक्तिशाली बन सके। New Education Policy के तहत भारत सरकार ने स्कूल से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा नीति में बदलाव किया है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से स्कूल में 5वीं तक शिक्षा मातृभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा में प्रदान कराई जायेगी। National Education Policy (NEP) के अंतर्गत 3 साल की फ्री स्कूल शिक्षा होगी, छठी कक्षा से बिजनेस इंटर्नशिप शुरू कर दी जाएगी।

दोस्तों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्कूलों तथा कॉलेजों में होने वाली शिक्षा की नई नीति तैयार की जाती है। भारत सरकार द्वारा National Education Policy (NEP) को आरम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत भारत सरकार ने देश की एजुकेशन पॉलिसी में काफी सारे मुख्य बदलाव किये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करके भारत सरकार देश को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना चाहती है, इसी कारण से शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत 2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% जी आर के साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया गया है। पुरानी शिक्षा नीति में 10+2 का पैटर्न फॉलो किया जाता था, परन्तु अब नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जायेगा।अधिक समग्र और विकासात्मक रूप से उपयुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए National Education Policy (NEP) के अंतर्गत Foundation Stage (आयु 3-8), Early Stage (आयु 8-11), Middle Stage (आयु 11-14), और Secondary Stage (आयु 14-18) को परिभाषित किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ने केवल छात्रों के लिए है बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम को उन्नत करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जिसमें छात्र, शिक्षक और पूरी शिक्षा प्रणाली शामिल है।

दोस्तों, यदि आप भी National Education Policy (NEP) Yojana के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ कर जाएँ। इस लेख में आपको राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की जानकारी जैसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) क्या है, National Education Policy (NEP) Yojana के फायदे, National Education Policy (NEP) के उद्देश्य, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के चरण आदि की पूरी जानकारी प्रदान की जाएगी।

National Education Policy (NEP) Yojana: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की जानकारी

दोस्तों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) भारत की शिक्षा नीति है, जिसे भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को घोषित किया गया था। वर्ष 1986 में जारी हुई शिक्षा नीति के बाद भारत की शिक्षा नीति में यह पहला नया परिवर्तन है। यह शिक्षा नीति अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2022 को एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की थी। यह बैठक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और रोडमैप और भविष्य की कार्यान्वयन योजनाओं पर चर्चा करने के उद्देश्य से रखी गई थी। पीएम मोदी जी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अन्य वरिष्ठ मंत्रियों और शिक्षा मंत्रालय, एनसीईआरटी और यूजीसी के अधिकारियों के साथ मिल कर बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अधिकारियों और मंत्रियों को लक्ष्य हासिल करने के लिए अन्य प्रमुख परियोजनाओं और पहलों के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New Education Policy) स्कूली शिक्षा में 10+2 के पुराने शैक्षणिक ढांचे को संशोधित और उन्नत करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से 5+3+3+4 का एक नया शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जायेगा, जो 3-18 वर्ष की आयु के छात्रों को कवर करेगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी) में पाठ्यक्रम का पुनर्गठन किया जायेगा, और पुराने शैक्षणिक ढांचे को बदलकर नवीनतम शैक्षणिक ढांचे में बदला जाएगा। दोस्तों, बता दें कि वर्तमान शैक्षणिक ढाँचे में 3-6 आयु वर्ग के बच्चों को कवर नहीं किया जाता है, क्योंकि कक्षा एक 6 वर्ष की आयु से आरम्भ होती है। 5+3+3+4 संरचना में प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा का एक मजबूत आधार Early Childhood Care and Education ( ECCE) 3 वर्ष की उम्र से शामिल है। इस नए शैक्षणिक ढांचे का मुख्य उद्देश्य छात्रों में कम उम्र से ही बेहतर समग्र शिक्षा, विकास और कल्याण को बढ़ावा प्रदान करना है। दोस्तों बता दें कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2 वर्ष की प्री-प्राइमरी शिक्षा 3 से 6 साल के बच्चों को प्रदान कराई जायेगी। इस 2 वर्षीय प्री-प्राइमरी स्कूलिंग का उद्देश्य बच्चों को प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार करना है।

प्री-प्राइमरी शिक्षा से पहले दो वर्षों के दौरान, बच्चों को आंगनबाड़ी या समुदाय आधारित नर्सरी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान कराई जायेगी। इसका लक्ष्य शिक्षा के प्रारंभिक वर्षों पर विशेष ध्यान देकर, बच्चों के सीखने की एक मजबूत नीव रखना है। 3-6 वर्ष के बच्चों को ऐसी गतिविधियों में लगाया जायेगा जो उन्हें खेल, मनोरंजक आदि के माध्यम से सीखने और समझने के मदद करेगा। इससे 3-6 वर्ष आयु के बच्चे स्कूली पाठ्यक्रम के अंतर्गत आएंगे। इसके अलावा योजना के द्वारा प्रारंभिक चरण की शिक्षा को आनंदमय, चंचल और मस्ती भरे माहौल में बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किये जायेंगे। एनईपी के अंतर्गत नई 5+3+3+4 पाठ्यक्रम संरचना 3-8, 8-11, 11-14 और 14-18 वर्ष की आयु के छात्रों को कवर करेगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New Education Policy) में 3 साल की प्री-स्कूलिंग / आंगनवाड़ी तथा उसके बाद 12 साल की स्कूली शिक्षा शामिल कराई जायेगी। एनईपी के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता सीखने पर अधिक जोर दिया जायेगा, इसके लिए सभी राज्य ग्रेड 3 तक के छात्रों के लिए सभी प्राथमिक विद्यालयों में सार्वभौमिक आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्राप्त करने के लिए एक योजना की रूपरेखा तय करेंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New Education Policy) के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा पर जोर देने के साथ, एनसीईआरटी (NCERT) बचपन की देखभाल और शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या और शैक्षणिक ढांचा (National Curricular and Pedagogical Framework for Early Childhood Care and Education) तैयार करेगा, जिसे NCPFECCE के रूप में जाना जाएगा।

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National Education Policy (NEP) Overview: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) योजना का अवलोकन

  • योजना का नाम: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) योजना
  • संबंधित विभाग: शिक्षा मंत्रालय
  • शुरू की गई: केंद्र सरकार द्वारा
  • कब शुरू की गई: 29 जुलाई 2020
  • कहां शुरू की गई: संपूर्ण भारत में
  • लाभार्थी: देश के विधार्थी
  • उद्देश्य: देश में पुराने शैक्षणिक ढांचे को संसोधित कर भारत में नई शिक्षा नीति लागू करना
  • आधिकारिक वेबसाइट: https://ncte.gov.in/nep/
  • कांटेक्ट नंबर: 011- 20893267, 011-20892155

New Education Policy (NEP) Benefits: नई शिक्षा नीति (एनईपी) के लाभ व विशेषताएं

  • नई शिक्षा नीति (न्यू एजुकेशन पॉलिसी) का उद्देश्य केवल देश जनता को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को एक जिम्मेदार इंसान बनाना भी है।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी सिद्धांतों के एक निश्चित सेट पर आधारित है जो भारत के युवाओं को विश्व स्तरीय, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी।
  • नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच अच्छे चरित्र का विकास करना है, और उनको एक अच्छा इंसान बनाना है, जो समाज में योगदान दे सके।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी प्रत्येक छात्र की अनूठी क्षमताओं पर केंद्रित है, यह जीवन के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास के लिए माता-पिता और शिक्षकों की मदद से प्रत्येक छात्र के गुणों को पहचानने और पोषित करने सहायक होगी।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी से छात्रों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी, नई शिक्षा का उद्देश्य ग्रेड 3 तक के सभी छात्रों में इसे हासिल कराना है।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में विज्ञान, कला और वाणिज्य स्ट्रीम में कोई ख़ास भिन्नना नहीं की जायेगी, बल्कि नई शिक्षा नीति उनके कार्यक्रमों और विषयों को चुनने में लचीलापन प्रदान करेगी।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी के द्वारा छात्रों को रचनात्मक सोचने के लिए प्रेरित किया जायेगा तथा आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • New Education Policy मानवीय नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों जैसे सहानुभूति, जिम्मेदारी, स्वच्छता, दूसरों के लिए सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति के लिए सम्मान, वैज्ञानिक स्वभाव, समानता आदि सिखाने में मदद करेगी।
  • New Education Policy बहुभाषावाद, स्थानीय भारतीय भाषा, शिक्षण और सीखने में भाषा की शक्ति को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • New Education Policy 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को औपचारिक शिक्षा में नामांकित करके, प्रस्तावित पहल विकास के महत्व पर जोर देने का कार्य करेगी।
  • New Education Policy के द्वारा अद्यतन मूल्यांकन योजना के अनुरूप ग्रेड 3, 5 और 8 में छात्रों के बुनियादी ज्ञान अधिग्रहण का मूल्यांकन करने के लिए 360º प्रगति रिपोर्ट कार्ड का उपयोग किया जाएगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत 5+3+3+4 संरचना का उपयोग करके, बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों की मुख्य दक्षताओं का अनुमान लगाना आसान हो जायेगा।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में पसंदीदा विषयों को मिडिल स्कूल की शुरुआत से ही चुना जा सकेगा, जिससे पेशेवर रूप से निर्णय लेने की जिम्मेदारी शिक्षकों या माता-पिता पर आ पायेगी, जिन्हें ऐसा करने के लिए अधिक सक्षम होना चाहिए।
  • New Education Policy प्रत्येक बच्चे की क्षमता की पहचान एवं क्षमता का विकास करने में मदद करेगी।
  • नई शिक्षा नीति (न्यू एजुकेशन पॉलिसी) संवादात्मक, लचीली एवं समावेशी होगी, जो बच्चों की सोच को रचनात्मक एवं तार्किक करने में मदद करेगी।
  • New Education Policy के तहत शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा जिसमें मेडिकल और लॉ की पढ़ाई शामिल नहीं की गई हैं।
  • पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में दसवीं और बारहवीं का पैटर्न को फॉलो किया जाता था, परंतु अब नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा, जिससे कि 12 साल की स्कूली शिक्षा होगी और 3 साल की फ्री स्कूली शिक्षा होगी।
  • New Education Policy के द्वारा छठी कक्षा से व्यवसायिक परीक्षण इंटर्नशिप आरम्भ करवा दी जाएगी।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में पांचवी कक्षा तक शिक्षा मात्रभाषा या फिर क्षेत्रीय भाषा लगाई जाएगी।
  • पुरानी एजुकेशन पॉलिसी में साइंस कॉमर्स तथा आर्ट स्ट्रीम होती थी लेकिन अब ऐसी कोई भी स्ट्रीम नहीं होगी, और छात्र अपनी इच्छा के अनुसार कोई भी विषय चुन सकते हैं, न्यू एजुकेशन पॉलिसी में छात्र फिजिक्स के साथ अकाउंट या फिर आर्ट्स का कोई भी सब्जेक्ट पढ़ सकते हैं।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में छात्रों को छठी कक्षा से कोडिंग सिखाया जाएगा।
  • New Education Policy के द्वारा सभी स्कूल डिजिटल इक्विटी किए जाएंगे।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में वर्चुअल लैब डिवेलप की जाएगी।
  • New Education Policy में स्नातक कोर्स 3 या 4 साल के हो सकते हैं जिसमें के कई सारे एग्जिट ऑप्शन होंगे जो कि उचित सर्टिफिकेशन के साथ होंगे।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में यदि छात्र ने एक वर्ष का स्नातक कोर्स की पढ़ाई की है तो उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा, 2 साल के बाद एडवांस डिप्लोमा दिया जाएगा, 3 साल के बाद उन्हें डिग्री दे दी जाएगी, और 4 साल के बाद रिसर्च के साथ बैचलर की डिग्री प्रदान की जाएगी।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में एकेडमी के बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन किया जाएगा जिससे कि छात्रों के द्वारा अर्जित किए गए डिजिटल अकैडमी क्रेडिट हो या विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से उन्हें संग्रहित किया जाएगा, इसे अंतिम डिग्री के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और गिना जाएगा।
  • New Education Policy में लर्निंग पर जोर देकर पाठ्य पुस्तकों पर निर्भरता को कम करने का प्रयास किया जायेगा।
  • New Education Policy में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा की पेशकश की जाएगी।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी के द्वारा पढ़ाई में संस्कृत और भारत की अन्य प्राचीन भाषाएं पढ़ने का ऑप्शन भी रखा जाएगा।
  • New Education Policy बोर्ड परीक्षाओं में भी बदलाव किया जाएगा, ऐसा हो सकता है कि साल में दो बार छात्रों के ऊपर से बोझ कम करने के लिए बोर्ड परीक्षा ली जाए।
  • New Education Policy के अंतर्गत पढाई को आसान बनाने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर का इस्तमाल किया जायेगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत हायर एजुकेशन से एमफिल की डिग्री को खत्म किया जायेगा।
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत बीएड को 4 साल का कर दिया गया है। 2030 के अंत तक शिक्षक की न्यूनतम योग्यता 4 साल का बी एड प्रोग्राम होगी।
  • New Education Policy में एक्स्ट्रा सर्कुलर एक्टिविटीज को मेन सिविलिस में रखा जायेगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा बनाई जाएगी।
  • New Education Policy के अंतर्गत बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत यदि कोई छात्र कोई कोर्स बीच में छोड़कर दूसरे कोर्स में दाखिला लेना चाहता है, तो वह पहले कोर्स की निश्चित समय तक ब्रेक ले सकता है और दूसरा कोर्स ज्वाइन कर सकता है।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी में रिसर्च पर ज्यादा ध्यान दिया जायेगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत एक साथ कई लैंग्वेज पर फोकस रखा जायेगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत कक्षा छठी से कक्षा आठवीं तक के छात्रों को वोकेशनल स्टडीज सीखने पर ध्यान दिया जाएगा। जिसमें बागबानी, लकड़ी का काम, मिट्टी के बर्तन, बिजली का काम आदि शामिल है।
  • New Education Policy के अंतर्गत छात्र अपने पसंद की विदेशी भाषा भी सीख सकते हैं, जिसमें फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीस, जैपनीज आदि होंगी। यह सभी प्रयास भारत की शिक्षा को वैश्विक तौर पर पहचान बनाने का एक प्रयास है।
  • New Education Policy के अंतर्गत छात्रों को अब कोई एक स्ट्रीम नहीं चुननी होगी, अब छात्र आर्ट स्ट्रीम के साथ साइंस स्ट्रीम भी पढ़ सकते हैं, साइंस स्ट्रीम के साथ आर्ट्स स्ट्रीम भी पढ़ सकते हैं।
  • New Education Policy के अंतर्गत एनसीईआरटी पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार तैयार करेगी।
  • New Education Policy के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत इवैलुएशन पर जोर देना, बच्चों की सोच को क्रिएटिव करना, गुणवत्तापूर्ण एजुकेशन डेवलप करना, एक साथ कई लैंग्वेज पर फोकस रखना, इवैलुएशन पर जोर देना, एजुकेशन पाॅलिसी को पारदर्शी बनाना, एजुकेशन को फ्लेक्सिबल बनाना, बच्चों को अनुशासन सिखाना और सशक्तिकरण करना आदि लक्ष्यों को ध्यान में रखा जायेगा।
  • New Education Policy पूर्ण समानता सुनिश्चित करने और सभी शैक्षिक निर्णयों को शामिल करने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि देश के सभी छात्र बचपन की देखभाल से लेकर स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा तक सही तरीके से विकसित हो सकें।
  • New Education Policy आज की ‘कोचिंग संस्कृति’ को प्रोत्साहित करने वाले योगात्मक मूल्यांकन के बजाय सीखने के लिए नियमित रचनात्मक मूल्यांकन पर केंद्रित योजना है।
  • New Education Policy के अंतर्गत  विद्यालयों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि मिड-डे-मील की गुणवत्ता ठीक हो जिससे कि बच्चे को लंचबॉक्स ना लाना पड़े।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी लागू हो जाने से बच्चों के स्कूल के बैग का साइज छोटा हो जाएगा।
  • न्यू एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत बच्चों के होमवर्क पर भी ध्यान दिया जाएगा, इसके अंतर्गत दूसरी कक्षा तक के बच्चों को कोई भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा क्योंकि पहली और दूसरी कक्षा के छात्र बहुत छोटे होते हैं और उन्हें इतनी देर तक बैठने की आदत नहीं होती है। कक्षा तीसरी चौथी और पांचवी के बच्चों को प्रत्येक हफ्ते में सिर्फ 2 घंटे का होमवर्क लिया जाएगा कक्षा छठी से लेकर आठवीं के बच्चों को प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा और 9वीं से 12वीं क्लास के बच्चों को प्रतिदिन 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा।
  • New Education Policy के अंतर्गत युवाओं को विश्व स्तरीय शिक्षा दिलाने के लिए शिक्षा में प्रौद्योगिकी को भारी रूप से अपनाया जाएगा, इसके लिए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (NETF) एक स्वायत्त निकाय बनाया जाएगा जो प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विचारों के मुक्त आदान-प्रदान के लिए एक समृद्ध मंच प्रदान करेगा, जो की सीखने, मूल्यांकन, योजना, प्रशासन को बढ़ाने के लिए मददगार साबित होगा।
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नई शिक्षा नीति (New Education Policy) में 5+3+3+4 क्या है?

दोस्तों, नई शिक्षा नीति के माध्यम से पुराने 10+2 सिस्टम को बदल कर भारत सरकार ने देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली को 5+3+3+4 की नई संरचना में बदल दिया है। इस ढांचे में देश के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बुनियादी चरण में 5 साल, फिर प्रारंभिक चरण में 3 साल, मध्य चरण में सीखने के 3 साल और अंत में माध्यमिक चरण में 4 साल बिताने होंगे।

Foundational Phase: मूलभूत चरण

  • मूलभूत चरण में 5 वर्ष की अवधि शामिल है।
  • मूलभूत चरण में 3 से 8 साल की उम्र के छात्र शामिल हैं।
  • Foundational Phase में प्रीस्कूल, आंगनवाड़ी, कक्षा पहली से तीसरी कक्षा आते हैं।
  • नई शिक्षा नीति के अंतर्गत Foundational Phase में 3 साल की आंगनवाड़ी या प्रीस्कूल शिक्षा के बाद दो साल का प्राथमिक विद्यालय होगा, जिसमें कक्षा 1 और 2 शामिल हैं।

Preparatory Phase: प्रारंभिक चरण

  • प्रारंभिक चरण में 3 वर्ष की अवधि शामिल है।
  • प्रारंभिक चरण में 8 से 11 साल की उम्र के छात्र शामिल हैं।
  • प्रारंभिक चरण में 3 से 5 तक की कक्षाएँ शामिल हैं।
  • प्रारंभिक चरण में गतिविधि-आधारित इंटरैक्टिव शिक्षा और बच्चों का संज्ञानात्मक विकास शामिल हैं।
  • इस चरण में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन भाषाओं को अधिकृत किया जायेगा।
  • प्रारंभिक चरण में शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षा में मातृभाषा की भूमिका और पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए क्षेत्रीय भाषा शामिल की जाएगी।

The Middle phase: मध्य चरण

  • मध्य चरण में 3 वर्ष की अवधि शामिल है।
  • मध्य चरण में 6 से 8 तक की कक्षाएँ शामिल हैं।
  • मध्य चरण में बच्चों को गणित, विज्ञान, कला और मानविकी की मूलभूत समझ दी जाएगी।
  • हमारी शैक्षिक प्रणाली में लंबे समय से उपयोग की जाने वाली रटने की पद्धति के विपरीत, 5+3+3+4 ढांचे का तात्पर्य है कि यह स्कूल शिक्षण स्तर आवश्यक सीखने के उद्देश्यों पर दृढ़ता से जोर देगा।
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Secondary Stage: माध्यमिक चरण

  • माध्यमिक अथवा अंतिम चरण में 4 वर्ष शामिल किये गए हैं।
  • माध्यमिक चरण 14 से 18 वर्ष के आयु वर्ग को कवर करता है।
  • माध्यमिक चरण में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शामिल हैं।
  • इस चरण में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्रों को पूरी तरह से अलग-अलग धाराओं में विभाजित करने को समाप्त करती है, जिससे उन्हें मल्टी-स्ट्रीम प्रणाली, विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ एक पूल में भाग लेने की अनुमति मिलती है।
  • माध्यमिक चरण में में एक छात्र अकाउंटेंसी और फिजिक्स के साथ इतिहास का चयन करके दो शैक्षणिक क्षेत्रों के बीच लंबे समय से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता को समाप्त कर सकेगा।
  • माध्यमिक चरण का मुख्य उद्देश्य कौशल और आलोचनात्मक सोच क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना है।

National Education Policy (NEP) Yojana Online Registration: MYNEP प्लेटफार्म में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • MYNEP प्लेटफार्म में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले प्लेटफार्म की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक होमपेज खुल जायेगा।
  • इसके बाद आपको “Registration” के ऑप्शन पर क्लिक कर लेना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा, जिसमें आपको फर्स्ट नेम, मिडिल नेम, लास्ट नेम, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि जानकारियों को दर्ज कर लेना होगा।
  • इसके बाद आपको “Register” के ऑप्शन पर जाकर क्लिक कर लेना होगा।
  • इस प्रकार आप MYNEP प्लेटफार्म में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • MYNEP प्लेटफार्म में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप आपका नाम यूजरनेम, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन कर सकते हैं।

Conclusion: निष्कर्ष

दोस्तों, योजना स्टोरी (YojanaStory.com) वेबसाइट से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद। मुझे आशा है कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा। इस लेख में हमने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) (New Education Policy Yojana) के बारे में सारी महत्पूर्ण जानकारियों से अवगत कराने की पूरी कोशिश की है। यदि आपको न्यू एजुकेशन पॉलिसी योजना के बारे में यह लेख लाभकारी व महत्वपूर्ण लगता है, और आप National Education Policy Yojana का लाभ उठा रहे हें, तो हमें कमेंट जरूर करें ताकि हम आपके लिये और ऐसी ढेरों सारी योजनाओं के बारे में जानकारियां साझा करते रहें।

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