Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अच्छी कोचिंग का खर्च भी होता है। खासकर UPSC, UPPSC, NEET, JEE, NDA और CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी में लंबे समय तक पढ़ाई और मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना छात्रों को बिना फीस के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देती है। योजना के तहत कक्षा-आधारित पढ़ाई के साथ ऑनलाइन माध्यम से भी शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह योजना फिलहाल उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित है।
अगर आप या आपके परिवार में कोई छात्र सरकारी नौकरी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, तो यह योजना उसके लिए उपयोगी हो सकती है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: क्या है मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2021 में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग से वंचित रह जाने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
योजना की शुरुआत में मंडल मुख्यालयों पर कोचिंग केंद्र बनाए गए थे। इसके साथ ही छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल सामग्री के जरिए भी तैयारी की सुविधा देने की व्यवस्था की गई थी।
समय के साथ योजना का विस्तार हुआ और अब यह प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंच चुकी है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana के तहत किन परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कराई जाती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- UPSC Civil Services
- UPPSC
- JEE Main
- NEET
- NDA
- CDS
- अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ा मार्गदर्शन
योजना में छात्रों को केवल किताबों से पढ़ाई कराने के बजाय परीक्षा की तैयारी से जुड़े मार्गदर्शन और शैक्षणिक सहायता पर भी जोर दिया जाता है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana में 2026-27 सत्र कब से शुरू हुआ?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का 2026-27 शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। इस सत्र के लिए सिविल सर्विस, JEE Main, NEET और NDA/CDS जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए lecture plans और timetable उपलब्ध कराए गए हैं।
इसका मतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इस साल का academic cycle पहले ही शुरू हो चुका है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: 75 जिलों में मिल रही है सुविधा
पहले जहां योजना का संचालन सीमित केंद्रों से किया गया था, वहीं अब इसका विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में हो चुका है।
आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के अनुसार, योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित है। इससे छात्रों को अपने जिले के स्तर पर इस सुविधा से जुड़ने का अवसर मिलता है।
यह खास तौर पर उन छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने में परेशानी होती है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: सिर्फ क्लास ही नहीं, विशेषज्ञों से भी मार्गदर्शन
अभ्युदय योजना की एक खास बात यह है कि इसमें विषय विशेषज्ञों और अनुभवी सरकारी अधिकारियों को भी छात्रों के मार्गदर्शन से जोड़ा गया है।
योजना की शुरुआती रूपरेखा में IAS, IPS, IFS, PCS और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े अधिकारियों तथा विषय विशेषज्ञों के माध्यम से guidance और teaching की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था।
इस तरह छात्रों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ अनुभव आधारित guidance भी मिल सकता है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana: ऑनलाइन पढ़ाई की भी सुविधा
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को केवल physical coaching centres तक सीमित नहीं रखा गया है। योजना के तहत डिजिटल content, virtual classes और online learning की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
इसका फायदा उन छात्रों को मिल सकता है जो किसी कारण से रोजाना coaching centre तक नहीं पहुंच पाते।
ऑनलाइन माध्यम से lecture, study material और exam preparation से संबंधित content तक पहुंच बनाई जा सकती है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana में कितने छात्रों को लाभ मिल रहा है?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2026 के बजट सत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही थी।
वहीं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक पोर्टल से संबंधित मौजूदा जानकारी में लगभग 2,000 शिक्षक और विषय विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को मार्गदर्शन देने का उल्लेख है।
यानी योजना का दायरा केवल कुछ हजार छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश स्तर पर इसे व्यापक रूप दिया गया है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana से कितने छात्रों का चयन हुआ?
सरकारी जानकारी के अनुसार योजना से जुड़े छात्रों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन भी हुआ है।
अभ्युदय पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 400 से अधिक छात्रों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन हुआ है। इसमें UPSC 2023 में 23, UPPSC 2023 में 30 और JEE Main 2024 में 35 छात्रों के चयन का उल्लेख किया गया है।
वहीं फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से UPPSC में 59, UPPCS/SSSC में 136 और NEET, IIT-JEE में 771 बच्चों के चयन का उल्लेख किया गया था।
अलग-अलग आंकड़े अलग समय और रिपोर्टिंग अवधि से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें एक ही अवधि का संयुक्त आंकड़ा नहीं समझना चाहिए।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana में कौन-कौन छात्र आवेदन कर सकते हैं?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के अलग-अलग courses के लिए शैक्षणिक योग्यता और संबंधित परीक्षा की जरूरत के अनुसार eligibility हो सकती है। इसलिए जिस course के लिए छात्र आवेदन करना चाहता है, उसकी specific eligibility देखना जरूरी है।
उदाहरण के लिए JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्रों की शैक्षणिक स्थिति स्वाभाविक रूप से UPSC या UPPSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों से अलग होगी।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana के तहत आवेदन के लिए क्या करना होगा?
योजना से जुड़ने के लिए छात्रों को आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से registration करना होता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार registration के दौरान छात्र को अपनी शैक्षणिक योग्यता, जिला और पसंदीदा course से संबंधित जानकारी देनी होती है।
आवेदन करने से पहले छात्र को अपने documents और शैक्षणिक जानकारी सही तरीके से तैयार रखनी चाहिए, ताकि registration के दौरान किसी तरह की गलती न हो।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में पढ़ाई कैसे होती है?
योजना में पढ़ाई के लिए मुख्य रूप से दो माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है:
ऑफलाइन/कक्षा आधारित पढ़ाई:
छात्र संबंधित अभ्युदय केंद्र पर जाकर classes में शामिल हो सकते हैं।
ऑनलाइन/वर्चुअल पढ़ाई:
डिजिटल माध्यम से lectures और study content का उपयोग किया जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को उनकी सुविधा के अनुसार पढ़ाई के अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है।
क्या मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की कोचिंग सच में मुफ्त है?
हां, योजना का मूल उद्देश्य ही छात्रों को मुफ्त coaching और academic guidance उपलब्ध कराना है।
हालांकि, छात्रों को यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी बाहरी सुविधा, यात्रा, किताब, स्टेशनरी या व्यक्तिगत तैयारी से जुड़े खर्च योजना के अंतर्गत स्वतः मुफ्त नहीं माने जाने चाहिए।
इसलिए योजना से मिलने वाली सुविधा और अपने व्यक्तिगत खर्च को अलग-अलग समझना जरूरी है।
महंगी कोचिंग से राहत क्यों मिल सकती है?
UPSC, JEE, NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कई छात्रों के लिए लंबी और खर्चीली प्रक्रिया होती है। निजी कोचिंग की फीस, रहने-खाने और study material का खर्च अलग हो सकता है।
ऐसे में अगर छात्र को अपने जिले में सरकारी स्तर पर structured coaching और guidance मिल जाता है, तो उसके लिए तैयारी की शुरुआत करना आसान हो सकता है।
हालांकि परीक्षा में सफलता केवल coaching से तय नहीं होती। नियमित पढ़ाई, mock tests, revision और self-study भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
अभ्युदय योजना की सबसे खास बातें
इस योजना को समझें तो इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं सामने आती हैं:
- फ्री कोचिंग: पात्र छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त शैक्षणिक सहायता।
- 75 जिलों में संचालन: योजना अब पूरे उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम: छात्र classroom और digital learning दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: विषय विशेषज्ञों और अनुभवी अधिकारियों को भी mentoring और teaching से जोड़ा गया है।
- कई प्रतियोगी परीक्षाएं: UPSC, UPPSC, JEE Main, NEET, NDA और CDS समेत कई परीक्षाओं की तैयारी।
छात्रों के लिए यह योजना क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में केवल किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं होता। सही syllabus, study plan, समय प्रबंधन, परीक्षा pattern और लगातार guidance भी जरूरी होता है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना इसी जरूरत को ध्यान में रखकर छात्रों को एक structured preparation environment देने की कोशिश करती है।
खासकर छोटे शहरों और जिलों के ऐसे छात्र जो बड़े coaching hubs तक नहीं जा सकते, उनके लिए जिला स्तर पर उपलब्ध सुविधा एक विकल्प बन सकती है।
Mukhyamantri Abhyudaya Yojana में आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
अगर आप योजना में आवेदन करने की सोच रहे हैं तो registration से पहले कुछ चीजें जरूर जांच लें:
- आप किस परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं?
- उस course की eligibility क्या है?
- आपके जिले में संबंधित अभ्युदय केंद्र उपलब्ध है या नहीं?
- 2026-27 session का timetable क्या है?
- online classes और study material की सुविधा कैसे मिलेगी?
- registration में कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?
सबसे महत्वपूर्ण बात—registration केवल आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल या संबंधित सरकारी माध्यम से ही करें।
किसी अनजान व्यक्ति को पैसे देकर “सरकारी फ्री कोचिंग में admission” कराने का दावा करने वालों से सावधान रहें।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना: एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| शुरुआत | फरवरी 2021 |
| मुख्य उद्देश्य | प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग व मार्गदर्शन |
| संचालन | उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में |
| 2026-27 सत्र | 1 जुलाई 2026 से |
| प्रमुख परीक्षाएं | UPSC, UPPSC, JEE Main, NEET, NDA, CDS आदि |
| पढ़ाई का माध्यम | ऑफलाइन और ऑनलाइन |
| शिक्षक/विशेषज्ञ | लगभग 2,000 |
| आवेदन | आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से |
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना क्या है?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की पहल है, जिसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त coaching और academic guidance उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में कौन-कौन सी परीक्षा की तैयारी होती है?
योजना के तहत UPSC, UPPSC, JEE Main, NEET, NDA और CDS सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए coaching और guidance उपलब्ध कराया जाता है।
क्या अभ्युदय योजना की कोचिंग फ्री है?
हां। योजना का उद्देश्य पात्र छात्रों को बिना coaching fee के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना किन जिलों में चल रही है?
मौजूदा जानकारी के अनुसार योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित है।
अभ्युदय योजना 2026-27 का सत्र कब शुरू हुआ?
2026-27 का सत्र 1 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है। इस सत्र के लिए विभिन्न परीक्षाओं के lecture plans और timetable उपलब्ध कराए गए हैं।
क्या अभ्युदय योजना में ऑनलाइन पढ़ाई भी होती है?
हां। योजना की शुरुआत से ही virtual classes और digital learning content की व्यवस्था की गई है। छात्रों को online माध्यम से भी तैयारी का अवसर मिलता है।
क्या दूसरे शहर में रहने वाले छात्र भी इसका लाभ ले सकते हैं?
यह संबंधित course और registration व्यवस्था पर निर्भर करता है। छात्र को आवेदन करते समय उपलब्ध district और course options की जानकारी देखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
छात्र आधिकारिक अभ्युदय पोर्टल के माध्यम से registration कर सकते हैं। आवेदन में अपनी शैक्षणिक योग्यता, जिला और पसंदीदा course की जानकारी देनी होती है।
क्या अभ्युदय योजना में सिर्फ सरकारी नौकरी की तैयारी होती है?
नहीं। योजना में UPSC और UPPSC जैसी सरकारी सेवा परीक्षाओं के अलावा JEE Main और NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल है।
Conclusion: निष्कर्ष
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश के उन छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन महंगी

गौरव जोशी सरकारी योजनाओं की सटीक और नवीनतम जानकारी प्रदान करने में माहिर हैं। वह बी. टेक. (I.T.) ग्रेजुएट हैं। इस समय वह Digital Fames के नाम से आई. टी. कंपनी और C.S.C. सेंटर (जन सेवा केंद्र) का संचालन कर रहे हैं। Yojana Story वेबसाइट के माध्यम से वह लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं।