Chief Minister Farmers Scholarship Scheme: खेती-किसानी से जुड़े परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर जब बच्चा 12वीं के बाद उच्च शिक्षा की तरफ बढ़ता है, तो कॉलेज फीस, किताबें और दूसरे शैक्षणिक खर्च परिवार के बजट पर असर डाल सकते हैं। ऐसे ही विद्यार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना महत्वपूर्ण है। योजना में मिलने वाली छात्रवृत्ति को 2026 में ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह करने का निर्देश दिया गया है।
लेकिन इस योजना का लाभ सिर्फ किसान परिवार से होने भर से नहीं मिल जाता। इसके लिए विद्यार्थी को उत्तर प्रदेश का निवासी होने के साथ-साथ तय शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। आइए जानते हैं कि ₹5,000 की यह छात्रवृत्ति किन विद्यार्थियों को मिल सकती है, कितने अंक जरूरी हैं और आवेदन कहां करना होगा।
Chief Minister Farmers Scholarship Scheme: मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। मंडी परिषद की आधिकारिक जानकारी में यह योजना 2018 से प्रभावी कल्याणकारी योजनाओं में शामिल बताई गई है।
मंडी परिषद की योजना संबंधी दस्तावेज के अनुसार इसका मूल दायरा मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में कृषि क्षेत्र की उच्च शिक्षा से जुड़ा है। योजना में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर के विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर छात्रवृत्ति देने का प्रावधान बताया गया है।
UP CM Farmers Scholarship Scheme: अब हर महीने ₹5,000 की छात्रवृत्ति
इस योजना में सबसे बड़ा बदलाव छात्रवृत्ति की राशि को लेकर हुआ है। पहले पात्र विद्यार्थियों को ₹3,000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती थी। जुलाई-अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार इसे बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए दायरा बढ़ाने की बात भी कही गई है।
इस हिसाब से ₹5,000 की दर पूरे 12 महीने लागू होने पर सालाना सहायता ₹60,000 बैठती है। हालांकि वास्तविक भुगतान संबंधित नियम, स्वीकृति और योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार होगा।
ध्यान रखें: इसे सामान्य सरकारी नौकरी की तरह निश्चित वेतन नहीं समझना चाहिए। यह विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति सहायता है।
CM Farmers Scholarship Scheme: कौन-कौन से विद्यार्थी पात्र हो सकते हैं?
योजना में पात्रता के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी गई हैं। उपलब्ध योजना संबंधी दिशानिर्देशों और 2026 की रिपोर्टों के अनुसार प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
- विद्यार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- माता-पिता किसान या पंजीकृत खेतिहर मजदूर होने चाहिए।
- विद्यार्थी मेधावी और नियमित रूप से पढ़ाई करने वाला होना चाहिए।
- स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए 12वीं में निर्धारित न्यूनतम अंक होने चाहिए।
- स्नातकोत्तर यानी PG के लिए स्नातक स्तर पर निर्धारित अंक जरूरी हैं।
- चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है।
यानी केवल किसान परिवार से संबंध होना पर्याप्त नहीं है। शैक्षणिक प्रदर्शन और योजना की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
UP Board वालों के लिए कितने अंक जरूरी हैं?
यदि विद्यार्थी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी UP Board से 12वीं पास करके स्नातक की पढ़ाई में प्रवेश ले रहा है, तो उपलब्ध पात्रता विवरण के अनुसार उसे कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए।
यह शर्त योजना के मेरिट आधारित चयन में महत्वपूर्ण है।
CBSE और ICSE छात्रों के लिए क्या नियम है?
CBSE, ICSE या अन्य बोर्ड से 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 85 प्रतिशत बताई गई है।
इसलिए यदि विद्यार्थी किसी दूसरे बोर्ड से पढ़ा है तो आवेदन करने से पहले अपनी मार्कशीट और योजना की वर्तमान पात्रता जरूर जांच लेनी चाहिए।
UP CM Farmers Scholarship Scheme: एक नज़र में शैक्षणिक पात्रता
| पढ़ाई का स्तर | बोर्ड/परीक्षा | न्यूनतम अंक |
|---|---|---|
| स्नातक | UP Board की 12वीं | 70% |
| स्नातक | CBSE/ICSE/अन्य बोर्ड | 85% |
| स्नातकोत्तर (PG) | स्नातक | 70% |
ये पात्रता मानदंड उपलब्ध योजना दिशानिर्देशों और 2026 की प्रकाशित जानकारी पर आधारित हैं। आवेदन के समय संबंधित संस्थान/मंडी परिषद से वर्तमान नियम की पुष्टि करना उचित है।
PG करने वाले विद्यार्थियों को भी मिल सकती है छात्रवृत्ति
यह योजना केवल 12वीं के बाद स्नातक करने वाले विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। उपलब्ध पात्रता विवरण के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए स्नातक में कम से कम 70 प्रतिशत अंक की शर्त बताई गई है।
इससे उन विद्यार्थियों को भी सहायता का अवसर मिलता है जो स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे उच्च शिक्षा जारी रखना चाहते हैं।
UP CM Farmers Scholarship योजना में चयन कैसे होता है?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में चयन केवल आवेदन जमा करने से नहीं हो जाता। योजना के दस्तावेज में मेरिट के आधार पर चयन की व्यवस्था बताई गई है। पात्र विद्यार्थियों की सूची संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय स्तर पर तैयार की जाती है और फिर निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत उसका अनुमोदन किया जाता है।
योजना के अनुसार संबंधित संभाग के उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) स्तर पर अंतिम चयन की प्रक्रिया का भी प्रावधान है। स्वीकृत सूची के बाद परिषद मुख्यालय से धनराशि जारी की जाती है।
UP CM Farmers Scholarship Scheme: आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
आवेदन करते समय विद्यार्थी को अपनी पहचान, निवास, शैक्षणिक योग्यता और किसान/खेतिहर मजदूर परिवार से संबंध साबित करने वाले दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
आमतौर पर जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पिछली कक्षा की मार्कशीट
- 12वीं या स्नातक की अंकतालिका, जैसा लागू हो
- किसान होने का प्रमाण, जैसे खतौनी
- खेतिहर मजदूर होने की स्थिति में संबंधित श्रम कार्ड/प्रमाण
- बैंक पासबुक की कॉपी
- मंडी परिषद द्वारा मांगा गया पात्रता प्रमाण पत्र
दस्तावेजों की अंतिम सूची आवेदन के समय संबंधित कॉलेज या मंडी परिषद कार्यालय से जरूर जांच लें। प्रकाशित जानकारी में दस्तावेजों की सूची में मामूली अंतर भी दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए उपलब्ध 2026 की जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन बताई गई है। आवेदन करने के लिए विद्यार्थी को अपने कॉलेज/संस्थान या संबंधित मंडी समिति कार्यालय से फॉर्म के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
Step 1: आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
सबसे पहले अपने कॉलेज या संस्थान के प्रशासनिक कार्यालय से मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का आवेदन फॉर्म लें। कुछ रिपोर्टों में मंडी समिति कार्यालय से फॉर्म प्राप्त करने की बात भी कही गई है।
Step 2: फॉर्म ध्यान से भरें
फॉर्म में नाम, पता, शैक्षणिक जानकारी, परिवार की जानकारी और बैंक खाते से संबंधित विवरण सही-सही भरें।
Step 3: दस्तावेज लगाएं
आधार, निवास प्रमाण, मार्कशीट, किसान/खेतिहर मजदूर से संबंधित प्रमाण और बैंक पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज फॉर्म के साथ लगाएं।
Step 4: कॉलेज से सत्यापन कराएं
भरे हुए आवेदन को अपने कॉलेज के प्रधानाचार्य या नोडल अधिकारी से सत्यापित करवाएं।
Step 5: मंडी परिषद कार्यालय में जमा करें
सत्यापित फॉर्म को संबंधित क्षेत्रीय मंडी परिषद कार्यालय या निर्धारित छात्रवृत्ति काउंटर पर जमा करें।
Step 6: रसीद जरूर लें
फॉर्म जमा करने के बाद उसकी पावती/रसीद जरूर प्राप्त करें और उसे सुरक्षित रखें। भविष्य में आवेदन से संबंधित जानकारी लेने में यह काम आ सकती है।
क्या UP CM Farmers Scholarship Scheme में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उपलब्ध अगस्त 2026 की जानकारी में इस योजना की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन बताई गई है। इसलिए केवल किसी सामान्य ऑनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन खोजने के बजाय पहले अपने कॉलेज/संस्थान और संबंधित मंडी परिषद कार्यालय से वर्तमान आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करना बेहतर है।
UP CM Farmers Scholarship Scheme के तहत छात्रवृत्ति जारी रहने के लिए भी शर्तें हैं
योजना के नियमों में केवल पहली बार चयन को ही महत्वपूर्ण नहीं माना गया है। उपलब्ध योजना दस्तावेज के अनुसार पहले वर्ष के बाद आगे के वर्षों में लाभ जारी रखने के लिए विद्यार्थी का संबंधित वर्ष में उत्तीर्ण होना जरूरी है। किसी वर्ष अनुत्तीर्ण होने पर आगे की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा विद्यार्थी का अनुशासन और आचरण भी योजना के नियमों में शामिल है। यदि आवेदन में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने की बात सामने आती है तो छात्रवृत्ति समाप्त की जा सकती है।
क्या दूसरी छात्रवृत्ति लेने पर भी इसका लाभ मिलेगा?
योजना के उपलब्ध नियमों में दूसरी छात्रवृत्ति प्राप्त करने की स्थिति में विशेष प्रावधान है। यदि विद्यार्थी किसी अन्य स्रोत से छात्रवृत्ति ले रहा है, तो संबंधित नियमों के अनुसार उसे विकल्प चुनना पड़ सकता है। इसलिए एक साथ कई छात्रवृत्तियों का लाभ लेने से पहले संबंधित संस्थान से इसकी पुष्टि करना जरूरी है।
किसानों के बच्चों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
उच्च शिक्षा का खर्च केवल कॉलेज फीस तक सीमित नहीं रहता। किताबें, हॉस्टल, आने-जाने का खर्च और अन्य शैक्षणिक जरूरतें भी परिवार के बजट को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे में पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पढ़ाई से जुड़े खर्च में आर्थिक सहयोग दे सकती है। खासकर ग्रामीण और कृषि परिवारों के उन विद्यार्थियों के लिए यह सहायता उपयोगी हो सकती है जो अच्छे अंक प्राप्त करने के बावजूद आर्थिक सीमाओं के कारण आगे की पढ़ाई को लेकर परेशान रहते हैं।
UP CM Farmers Scholarship Scheme में आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें
योजना का लाभ लेने की कोशिश में छोटी-सी गलती भी आवेदन में परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए:
- मार्कशीट में दर्ज नाम और आवेदन में नाम एक जैसा रखें।
- बैंक खाते की जानकारी दोबारा जांचें।
- निवास प्रमाण पत्र की वैधता और विवरण देखें।
- किसान/खेतिहर मजदूर संबंधी प्रमाण सही लगाएं।
- निर्धारित अंकों की शर्त पहले जांचें।
- आवेदन जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों की कॉपी रखें।
- सत्यापित फॉर्म की रसीद संभालकर रखें।
- अंतिम तारीख और स्थानीय मंडी परिषद की सूचना जरूर देखें।
Conclusion: निष्कर्ष
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026 किसानों और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 2026 में छात्रवृत्ति राशि को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने के निर्देश दिए गए हैं और अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए किसान या पंजीकृत खेतिहर मजदूर परिवार से होना ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी को उत्तर प्रदेश का निवासी होने के साथ निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य नियम पूरे करने होंगे। UP Board के लिए 12वीं में 70%, जबकि CBSE/ICSE जैसे अन्य बोर्डों के लिए 85% अंक की शर्त बताई गई है। PG स्तर पर स्नातक में 70% अंक जरूरी बताए गए हैं।
आवेदन प्रक्रिया फिलहाल उपलब्ध 2026 की जानकारी के अनुसार ऑफलाइन है, इसलिए आवेदन करने से पहले अपने कॉलेज/संस्थान और संबंधित मंडी परिषद कार्यालय से वर्तमान सत्र की पात्रता, आवेदन तिथि और दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत पात्र किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है।
2. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति में कितने रुपये मिलते हैं?
2026 में छात्रवृत्ति की राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. क्या हर किसान के बच्चे को यह छात्रवृत्ति मिलती है?
नहीं। विद्यार्थी को उत्तर प्रदेश का निवासी होने के साथ किसान/पंजीकृत खेतिहर मजदूर परिवार से संबंधित होना और निर्धारित शैक्षणिक व अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है।
4. UP Board के विद्यार्थियों के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए?
स्नातक स्तर की छात्रवृत्ति के लिए UP Board से 12वीं में कम से कम 70 प्रतिशत अंक होने की शर्त बताई गई है।
5. CBSE और ICSE छात्रों के लिए कितने अंक जरूरी हैं?
CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 12वीं में कम से कम 85 प्रतिशत अंक की शर्त बताई गई है।
6. क्या PG करने वाले विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति मिल सकती है?
हां, उपलब्ध पात्रता विवरण के अनुसार PG स्तर की पढ़ाई के लिए स्नातक में कम से कम 70 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।
7. क्या इस योजना में ऑनलाइन आवेदन होता है?
उपलब्ध 2026 की जानकारी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन बताई गई है। विद्यार्थी को कॉलेज/संस्थान या संबंधित मंडी समिति से आवेदन फॉर्म के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
8. आवेदन फॉर्म कहां जमा करना होता है?
सत्यापन के बाद आवेदन को संबंधित क्षेत्रीय मंडी परिषद कार्यालय या निर्धारित छात्रवृत्ति काउंटर पर जमा करने की जानकारी दी गई है।
9. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
आधार कार्ड, उत्तर प्रदेश निवास प्रमाण, आय प्रमाण, पिछली कक्षा की मार्कशीट, किसान/खेतिहर मजदूर से संबंधित प्रमाण और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। अंतिम सूची संबंधित कार्यालय से जांचें।
10. क्या किसान का प्रमाण देना जरूरी है?
हां। योजना किसान और पंजीकृत खेतिहर मजदूर परिवारों के पात्र विद्यार्थियों के लिए है, इसलिए आवेदन में परिवार की पात्रता से संबंधित प्रमाण मांगा जा सकता है।
11. क्या छात्रवृत्ति हर साल जारी रहती है?
योजना के उपलब्ध नियमों के अनुसार आगे के वर्षों में लाभ जारी रखने के लिए विद्यार्थी का संबंधित वर्ष में उत्तीर्ण होना जरूरी है। किसी वर्ष अनुत्तीर्ण होने पर आगे की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
12. क्या दूसरी छात्रवृत्ति के साथ इसका लाभ लिया जा सकता है?
योजना के नियमों में दूसरी छात्रवृत्ति मिलने की स्थिति में विकल्प से संबंधित प्रावधान है। इसलिए किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ लेते समय संबंधित कॉलेज या मंडी परिषद से वर्तमान नियम की पुष्टि करनी चाहिए।
13. क्या आवेदन जमा करने के बाद रसीद मिलती है?
आवेदन क्षेत्रीय मंडी परिषद कार्यालय या छात्रवृत्ति काउंटर पर जमा करते समय पावती/रसीद लेने की सलाह दी गई है। इसे सुरक्षित रखना चाहिए।
14. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की सही जानकारी कहां मिलेगी?
योजना से संबंधित जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित क्षेत्रीय मंडी परिषद कार्यालय से जानकारी लेना सबसे उचित है। मंडी परिषद की वेबसाइट पर मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना को कल्याणकारी योजनाओं में सूचीबद्ध किया गया है।

गौरव जोशी सरकारी योजनाओं की सटीक और नवीनतम जानकारी प्रदान करने में माहिर हैं। वह बी. टेक. (I.T.) ग्रेजुएट हैं। इस समय वह Digital Fames के नाम से आई. टी. कंपनी और C.S.C. सेंटर (जन सेवा केंद्र) का संचालन कर रहे हैं। Yojana Story वेबसाइट के माध्यम से वह लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं।